नई दिल्ली. ऐतिहासिक दक्षिणपंथियों की तरह अमेरिकी निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने इतिहास में दफन ईसाई योद्धाओं को प्रतीक बनाकर आनलाइन समर्थन जुटाया था। इसके लिए मतदान और मतगणना के बीच लाखों आनलाइन संदेश भेजे गए और लोगों को सीधी कार्रवाई के लिए उकसाया गया।

अमेरिकन मीडिया के अनुसार अमरीका की कैपिटल बिल्डिंग को तहस नहस करने वाले दंगाइयों में, अतिवादी दक्षिण पंथी, ऑनलाइन ट्रोल्स और डोनाल्ड ट्रंप समर्थक क्यूएनॉन लोगों का समूह शामिल था। ये समूह मानता है कि दुनिया को पीडोफाइल लोगों का समूह चला रहा है और ट्रंप सबको सबक सिखाएंगे। इसके अलावा चुनाव में धांधली का आरोप लगाने वाले ट्रंप समर्थकों का समूह ‘स्टॉप द स्टील’ के सदस्य भी दंगाइयों में शामिल थे।

दिलाया गया था क्रेकन को रिलीज करने का भरोसा

ट्रंप समर्थकों की ऑनलाइन दुनिया ट्रंप के नजदीकी दो वकीलों सिडनी पॉवेल और एल लिन वुड के इस दावे पर यकीन कर रही थी कि चुनाव में धांधली के मामले को वे इतने विस्तृत ढंग से तैयार करेंगे कि मामला सामने आते ही बाइडन की चुनावी जीत की हवा निकल जाएगी। पॉवेल पूर्व सरकारी वकील रह चुकी हैं। उन्होंने उस क्रैकन को रिलीज करने की कोशिश करने का भरोसा ट्रंप समर्थकों को दिलाया जिसका जिक्र स्कैंडेवियन लोककथाओं में आता है। लोककथाओं के अनुसार क्रेकन एक विशालकाय समुद्री राक्षस है जो अपने दुश्मनों को खाने के लिए बाहर निकलता है।

ट्रंप की गुप्त सेना के पराक्रम पर विश्वास

इसके बाद तो इंटरनेट पर क्रेकन के मीम्स नजर आने लगे।क्रेकन मीम्स के साथ चुनावों में धांधली की बातों को बिना किसी सबूत के दोहराया जा रहा था। उनकी थ्योरी में यक़ीन करने वाले मान रहे थे कि ट्रंप और उनकी गुप्त सेना डेमोक्रेटिक पार्टी, मीडिया, बिजेनस हाउसेज और हॉलीवुड में मौजूद फीडोफाइल लोगों के ख़िलाफ़ लड़ रही है। कैपिटल बिल्डिंग में हुई हिंसा से पहले ‘क्रैकन’ और ‘रिलीज द क्रैकन’ का इस्तेमाल ट्विटर पर दस लाख से ज़्यादा बार किया गया।

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