नई दिल्ली. कहते हैं सच आखिर सच ही रहता है, उसे ना बदला जा सकता है और ना ही मिटाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ अमेरिका में हुआ है जहां हाल ही चुनावों में पराजित हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) माइकल फ्लिन को माफी देने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

फ्लिन पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप के अभियान दल और रूस के बीच संभावित मिलीभगत को लेकर एफबीआई के समक्ष गलत बयान देने का आरोप लगाया गया था। ट्रंप ने ट्वीट किया कि यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि जनरल माइकल टी. फ्लिन को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। जनरल फ्लिन और उनके परिवार को बधाई। मुझे पता है यकीनन अब आप अच्छे से ‘थैंकस गिविंग’ मना पाएंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने बताया कि राष्ट्रपति ने जनरल फ्लिन को माफी दे दी है। उन पर कभी मुकदमा चलाया ही नहीं जाना चाहिए था। जनरल फ्लिन के मामले की स्वतंत्र समीक्षा निष्कर्ष का न्याय विभाग समर्थन करता है। वास्तव में, न्याय विभाग दृढ़ता से इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि फ्लिन के खिलाफ आरोप हटाए जाने चाहिए। यह पूर्ण क्षमा, अंतत: एक निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ पक्षपातपूर्ण मुकदमे को खत्म करती है।

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