चीन ने पत्रकारों को चमगादड़ों से भरी सुरंग में जाने से रोका

नई दिल्ली. दुनिया भर में 17 लाख से अधिक इंसानों की जान लेने वाले कोरोना वायरस के लीक होने के स्रोत को चीन दुनिया के सामने नहीं आने देना चाहता इसीलिए उसने दक्षिण चीन में घने जंगलों से घिरी घाटियों में खदानों की उस सुरंग की सुरक्षा बढ़ा दी है जिसमें चमगादड़ों का जमावड़ा है।

चमगादड़ों पर अनुंसधान करने वाली एक टीम ने यहां पहुंचकर जो नमूने एकत्र किए थे, उन्हें चीन सरकार ने जब्त कर लिया है। इस जानकारी को जुटाने के लिए नवंबर के आखिर में इलाके में पहुंचे एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को सादे कपड़ों में पुलिस ने कई कारों से पीछा किया और उन्हें वहां से लौटने पर मजबूर कर दिया।

जानकारी के अनुसार एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की जांच दिखाती है कि चीन की सरकार इस वायरस के स्रोत से जुड़े सभी अनुसंधानों पर कड़ाई से नियंत्रण कर रही है। एपी को मिले गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक सरकार वैज्ञानिकों के अनुंसधान की निगरानी कर रही है और यह अनिवार्य कर रही है कि अनुंसधान पत्रों को प्रकाशित करने से पहले राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अधीन कार्यरत कैबिनेट कार्यबल से उन्हें अनुमोदित कराया जाए।

सरकार के दस्तावेजों के लीक होने होने से दर्जनों ऐसे अप्रकाशित दस्तावेज सामने आए हैं जो यह दर्शाते हैं कि कोरोना वायरस सम्बंधी अनुसंधानों पर कठोर नियंत्रण रखा जा रहा है। एपी की जांच वैज्ञानिकों व अधिकारियों के साक्षात्कार के अलावा, सार्वजनिक नोटिस, लीक ई-मेल, चीन की राज्य परिषद और चीन के रोग नियंत्रण एवं उन्मूलन केंद्र (सीडीसी) के अप्रकाशित दस्तावेजों पर आधारित है। इससे सामने आया है कि महामारी की अवधि में सरकार की गोपनीयता एवं शीर्ष से नियंत्रण बढ़ गया। सीडीसी में कार्यरत एक विशेषज्ञ के अनुसार वे उन लोगों को ही चुनते हैं जिनपर भरोसा कर सकते हैं और उन्हें नियंत्रित रख सकते हैं।

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