नई दिल्ली. एक पाकिस्तानी अदालत ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी को 15 साल जेल की सजा सुनाई है। उसे पाकिस्तान में हाल ही आतंकियों की मदद और पैसे मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लखवी और हाफिज सईद ने 26/11 के हमले की साजिश रची थी। लखवी को आतंकवादियों की मदद करने का दोषी पाया गया है।

लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी करके 160 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी। गोलीबारी में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पाकिस्तानी पंजाब के मियानवाली क्षेत्र के रहने वाले मोहम्मद वकार अवान को शुरुआती हथियारों की ट्रेनिंग 26/11 के मास्टरमाइंड जकीउर्रहमान लखवी ने दी थी। लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।  लागू होते हैं।

लखवी पर एक दवाखाना चलाकर जुटाए गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में करने का आरोप है। पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा से ताल्लुक रखने वाले पाकिस्तान के एक आतंकवादी को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से गिरफ्तार किया गया था।

लश्कर ए तैयबा और अल-कायदा से जुड़े होने और आतंकवाद के लिए वित्त पोषण, योजना, सहायता मुहैया कराने या षड्यंत्र रचने की खातिर लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। वैश्विक आतंकवादी पर प्रतिबंधित आतंकवादियों और समूहों की संपत्ति जब्त करने, यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने, जिसमें दूसरे देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की 1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति ने लखवी को निजी खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए डेढ़ लाख पाकिस्तानी रुपये के मासिक भुगतान की अनुमति दी थी।

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