नई दिल्ली. एक अमेरिकी सांसद ने लद्दाख सीमा पर चीनी निर्माण गतिविधियों की ​तुलना दक्षिण चीन सागर में चीनी हरकतों से की है। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास भारत और चीन के बीच मई से सैन्य गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

दोनों देशों की सेनाओं ने एलएसी के पास बड़ी संख्या में सैन्य बलों को तैनात किया है। गतिरोध सुलझाने के लिए दोनों पक्षों ने कई दौर की वार्ता की, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने वाशिंगटन में कहा कि यह चीनी सेना का जमीनी तथ्यों को बदलने के लिए उकसाने वाला एक और कदम होगा।

भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का मालाबार अभ्यास इस बात का संकेत है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करेंगे। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन भारत के पुराने मित्र हैं और वह भारतीय मूल की निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ मिलकर भारत के लिए खड़े रहेंगे। मुझे लगता है कि कमला हैरिस की भारतीय जड़ों के मद्देनजर इन संबंधों को और मजबूत बनाने का आधार बनता है। हम डेमोक्रेटिक एवं रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों के इस रुख को बरकरार रखेंगे कि हम भारत के साथ खड़े हैं और चीन समेत किसी भी पड़ोसी द्वारा होने वाली हर प्रकार की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं।

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