एनआईए ने ईडी और 11 राज्यों की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बुधवार देर रात से पीएफआई के खिलाफ बड़ी छापेमारी शुरू की थी। हर जगह एक साथ छापे मारकर इस कट्टरपंथी संगठन की टेरर फंडिंग और कैंप लगाने के मामलों के सबूत जुटाए जा रहे हैं। छापों में तमाम दस्तावेज बरामद होने की खबर सूत्रों के हवाले से मिली है।

टेरर फंडिंग मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया PFI के 11 राज्यों के 110 ठिकानों पर ताबडतोड छापेमारी करके 106 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही बड़ी मात्रा में आपत्‍तिजनक दस्‍तावेज बरामद किए गए हैं. कार्रवाई एनआईए, ईडी ने स्‍थानीय पुलिस के साथ मिलकर की है. सबसे ज्‍यादा केरल से 22 लोगों को पकड़ा गया है. कर्नाटक, महाराष्ट्र से 20-20 लोग गिरफ्तार हुए हैं. तमिलनाडु से 10, असम से 9, यूपी से 8, मध्यप्रदेश से 4, दिल्ली और पुदुचेरी से 3-3 और राजस्थान से 2 लोगों को दबोचा गया है. पकड़े गए लोगों में पीएफआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमएस सलाम और दिल्ली इकाई अध्यक्ष परवेज अहमद भी शामिल है. यूपी एटीएस ने बाराबंकी जिले के बोरहार गांव से पीएफआई कोषाध्यक्ष नदीम को पकड़ा है.

बिहार से दो लोग गिरफ्तार हुए. उनके पास से पीएफआई के तमाम देशविरोधी गतिविधियों वाले दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं. दस्तावेजों से पता चला कि पीएफआई को देश के बाहर से धन मिलता है. ये संगठन देशविरोधी गतिविधियों के लिए कैंप लगाता रहा है. पीएफआई का इरादा साल 2047 तक भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने का है. पीएफआई का नाम इससे पहले सीएए विरोधी दिल्ली दंगों में भी आया था.

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