नई दिल्ली. समुद्री किनारों से वंचित नेपाल ने एक बार फिर भारत पर गुर्राना शुरू कर दिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने भारत के साथ सीमा विवाद का मुद्दा फिर उछालते हुए कहा है कि वे हर कीमत पर भारत से उन इलाकों को लेकर रहेंगे जो नेपाल के हिस्से हैं।

नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश नेपाल-भारत और चीन (तिब्बत) की सीमा पर स्थित 370 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में स्थित कालापानी लिम्पियाधुरा और लिपुलेक क्षेत्र को वापस लेने के लिए प्रतिबद्ध है। ओली ने नेपाली संसद के ऊपरी सदन में कहा कि विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावली की 14 जनवरी से होनेवाली भारत यात्रा में इस मुद्दे को उठाएंगे।
नेपाल का दावा है कि पिछले 58 सालों से भारत के कब्ज़े में रहा ये इलाक़ा नेपाल का है। इससे पहले के 146 सालों में ये इलाक़ा नेपाल के कब्ज़े में था। कुछ लोग नेपाल-भारत के संबंधों में गिरावट के लिए मुझे दोषी ठहराते हैं लेकिन वे बताएं कि क्या मैं देशहित के मुद्दे पर होठ सिलकर रखूं।

ओली का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दे बातचीत से हल हो जाएंगे और वे चाहते हैं कि भारत के साथ रिश्ते नई ऊंचाई तक पहुंचे। इस बीच लिपुलेख और लिम्पियाधुरा कालापानी को नेपाल ने अपने नक़्शे में शामिल कर लिया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि नेपाल और भारत के बीच इतने गहरे रिश्ते हैं कि सरकारों के अतिवादी कदम भी दोनों देशों की जनता के बीच के रिश्तों को खराब नहीं कर पाते हैं।

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