नई दिल्ली. दिनों दिन अपनी ताकत बढ़ाती जा रही चीनी नौसेना ने दक्षिण चीन सागर की इस तरह से नाकाबंदी कर रखी है कि वह जब चाहे तब जापान की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर सकता है। इसी के चलते जापान सरकार ने जर्मनी से पूर्वी एशिया में युद्धपोत भेजने की अपील की है।
जापानी रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि 2021 में जापानी सेल्फ डिफेंस फोर्सेस के साथ संयुक्त अभ्यास में एक जर्मन युद्धपोत भी हिस्सा लेगा। जापान का मानना है कि इससे दक्षिण चीन सागर में मुक्त आवाजाही की कोशिशों को बल मिलेगा।

जापान के मुताबिक बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर की काफी हद तक नाकेबंदी कर दी है। चीन वहां मौजूद कोरल और अन्य द्वीपों पर दूसरे देशों के दावे को खारिज कर रहा है। इससे पहले चीन ने कहा था कि वह इन द्वीपों पर सेना तैनात नहीं करेगा, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों से साफ हो गया है कि उसने कई बड़े द्वीपों पर लड़ाकू विमानों के लिए हवाई पट्टियां बनाने के साथ ही मिसाइलें भी तैनात कर दी हैं।

चीन का विएतनाम, ताइवान, मलेशिया, ब्रुनेई और फिलिपींस के साथ दक्षिण चीन सागर के कुछ द्वीपों पर विवाद है। इसी के चलते चीन ने 2016 में द हेग के स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (पीसीए) के एक सीमा विवाद में फिलिपींस के पक्ष में सुनाए गए फैसले को मानने से इनकार कर दिया था।

दक्षिण चीन सागर का जहाजों के लिए खुला रहना जापान के लिए बेहद अहम है। खाड़ी के देशों से जापान तक जो ईंधन पहुंचता है, वह दक्षिण चीन सागर से ही होकर आता है। जानकारी के अनुसार दुनिया की 30 फीसदी एनर्जी सप्लाई इसी रूट से होती है।

दक्षिणी चीन सागर में चीन की इसी रणनीति को नाकाम करने के लिए मई 2021 में होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास में जापान, फ्रांस और अमेरिका के साथ ब्रिटेन भी रॉयल नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर एसएमएस क्वीन एलिजाबेथ के साथ हिस्सा लेगा।

इससे पहले जर्मनी शहर म्यूनिख में सैन्य यूनिवर्सिटी में जर्मन रक्षा मंत्री आनेग्रेट क्रांप कारेनबाउर कह चुके हैं कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत चीन के शक्ति प्रदर्शन से दबाव महसूस कर रहे हैं। दक्षिण चीन सागर के एक द्वीप फायरी क्रॉस रीफ पर चीन करीब 3 हजार मीटर लंबी हवाई पट्टी बनाने के साथ ही दो हैलीपैड, संचार एंटीना और रडार स्थापित कर चुका है।

चीनी नौसेना की ताकत का जायजा लें तो उसके पास एक विमानवाहक युद्वपोत है। दूसरे का निर्माण चल रहा है। दो लाख 35 हजार की संख्या वाली नौसेना के पास 53 पनडुब्बियां, 78 बड़े युद्धपोत, 27 छोटे युद्धपोत, 180 गश्ती नावें, 52 एयरक्राफ्ट और 523 कोस्ट गार्ड नावें भी हैं।

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