नई दिल्ली. कोरोना वायरस फैलाव के लिए पूरी दुनिया के निशाने पर आए चीन की मुश्किल फिर बढ़ सकती है क्योंकि  विश्व स्वास्थ्य संगठन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का एक दल कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत का पता लगाने के लिए जनवरी के पहले सप्ताह में चीन भेजेगा।

डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रमुख डॉक्टर माइकल रयान के अनुसार दल के ठहरने की व्यवस्था चीन सरकार की अपेक्षा डब्ल्यूएचओ करेगा।

दल के सदस्य वुहान में महामारी से जुड़े संदिग्ध स्थलों का निरीक्षण करेंगे। मिशन का उद्देश्य उन मूल स्थानों पर जाना है, जहां से कोरोना वायरस के मानवीय संक्रमण के मामले सामने आए थे।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम चीनी सहकर्मियों के साथ काम करेगी लेकिन वे चीनी अधिकारियों की निगरानी में नहीं होंगे। दुनिया में टीका लगने की शुरुआत का जश्न होना चाहिए लेकिन अगले तीन से चार महीने कठिन होने जा रहे हैं।

ब्रिटेन से निकाला जाएगा भगोडा शरीफ

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने ब्रिटेन के साथ प्रत्यर्पण संधि करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पाकिस्तान को सौंपने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान की एक शीर्ष अदालत ने लंदन में निर्वासित शरीफ को भ्रष्टाचार के अतिरिक्त आरोपों का सामना करने के लिए स्वदेश लौटने में विफल रहने पर कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया था। अब ये ब्रिटिश अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वे शरीफ़ जैसे सजायाफ्ता अपराधियों को वहां न रहने दें।

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