नई दिल्ली. किसान आंदोलन देश की सीमा पार करके ब्रिटेन में जा पहुंचा है, जहां पंजाब के किसानों के रिश्तेदार बड़ी संख्या में रहते हैं। इसी के चलते ब्रिटेन के कई सिख बच्चे स्टैंड विद फार्मर्स हैशटैग के साथ ऑनलाइन विरोध कर रहे हैं। बच्चे क्रिएटिव आर्ट और होर्डिंग के ज़रिए जागरूकता बढ़ाने में जुटे हैं? स्कूली बच्चे किसान प्रदर्शन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं।

बता दें कि बीते डेढ़ महीने से पंजाब और हरियाणा के हज़ारों किसान भारत में तीन नए कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत विफल हो चुकी हैं।

इस बालिका ने की थी ब्रिटिश प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील

ब्रिटिश मीडिया के अनुसार पंजाब में लुधियाना के परिवार से आठ साल की इशलीन गिल कौर जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करती हैं। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की गुजारिश भी कर डाली है।

‘हमारी जड़ों में है किसानी क्योंकि हम फल सब्जी उगाते हैं’

इस बच्ची की दादी ​दिल्ली बार्डर पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल हैं। इशलीन के पिता जगदीप सिंह गिल इशलीन के ‘जुनून और उत्साह’ से अभिभूत हैं। उनका कहना है कि भारत में कई लोगों की आय का साधन सिर्फ खेती है। इसके बिना वे ज़मीन बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। छह वर्षीय रे भी किसानों के मुद्दे से जुड़े वीडियो डाल रहे हैं। उसका परिवार पंजाब में नकोदर के बिलगा से है। उसने मीडिया से कहा कि किसानी हमारी जड़ों में है। हम फल और सब्जियाँ उगाते हैं। वे प्रदर्शन में किसानों के साथ किए जा रहे व्यवहार को देखकर परेशान हैं।

यहां यह उल्लेखनीय है कि ​किसान आंदोलन में सर्वाधिक भागीदारी पंजाब और हरियाणा के किसानों की है और इन दोनों ही राज्यों में रहने वाले किसानों के लाखों परिजन ब्रिटेन में रहते हैं।

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