नई दिल्ली. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के बाद वह सबसे पहले अमेरिकी नागरिकों से 100 दिनों तक मास्क पहनने की अपील करेंगे। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के इस कदम को उल्लेखनीय माना जा रहा है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मास्क पहनने के उपाय को कभी कारगर नहीं माना।

कई लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क पहनना इस महामारी पर काबू पाने का बेहद कारगर तरीका है। संक्रमण से अमेरिका में 2,75,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बाइडन मास्क पहनने के मुखर समर्थक रहे हैं और उन्होंने इसे देशभक्ति जताने का एक तरीका बताया है। चुनाव प्रचार के दौरान भी बाइडन ने इसका बढ़-चढ़ कर समर्थन किया।

बाइडन ने कहा कि वह अगले साल 20 जनवरी को पद संभालने के समय अमेरिका के लोगों से 100 दिनों तक मास्क पहनने की अपील करेंगे। कार्यभार संभालने के पहले दिन लोगों से अपील करूंगा कि वे 100 दिनों तक मास्क पहनें। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुझे लगता है कि इस पर जोर देना जरूरी है। बाइडन ने कहा कि वह अपने प्रशासन में डॉ. फॉसी को भी पद पर बने रहने के लिए कहेंगे। फॉसी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिजीजेज के निदेशक हैं।

ग्रेगरी मीक्स होंगे अगले अध्यक्ष

नई दिल्ली. अमेरिकी सांसद ग्रेगरी मीक्स को हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अगले अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। विदेश नीति को आकार देने में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले इस पैनल का नेतृत्व करने वाले वह पहले अफ्रीकी-अमेरिकी होंगे। मीक्स डेमोक्रेटिक सांसद इलियट एंजल की जगह लेंगे।

मीक्स ने कहा कि अमेरिकी विदेश नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ दुनिया के साथ फिर से जुड़ने की आवश्यकता होगी। हमें विदेश नीति के पारम्परिक दृष्टिकोण पर भी पुनर्विचार करना होगा। यह सामान्य स्थिति में लौटना नहीं बल्कि काम करने के एक नए तरीके की ओर बढ़ना होगा। हम अपने दायरे व्यापक करेंगे और दुनिया के उन हिस्सों से संपर्क साधेंगे, जिनकी हमने ऐतिहासिक रूप से अनदेखी की है।

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