ड्रैगन की अमेरिका सहित पांच देशों को खुली धमकी

नई दिल्ली. चीन ने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कनाडा को धमकी दी है कि अगर वे हांगकांग में अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आए तो उनकी आंखें निकाल ली जाएंगी। फिर चीन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे पांच अथवा दस देश।

इन पांचों देशों ने चीन पर आरोप लगाया था कि वह हांगकांग में आलोचकों को चुप करवाने की कोशिश कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन देशों को चीन के मामलों में दख़ल ना देने की चेतावनी देते हुए कहा कि चीनी लोग न परेशानी खड़ी करते हैं और ना किसी से डरते हैं।

हांगकांग की संसद से विरोधी स्वर समाप्त

पिछले हफ़्ते चीन ने प्रस्ताव पास करके कहा कि हांगकांग सरकार उन नेताओं को बर्ख़ास्त कर सकती है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं। इसी के साथ हांगकांग के चार लोकतंत्र समर्थक सांसदों को बर्ख़ास्त कर दिया गया।
जवाब में हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक सांसदों ने भी इस्तीफ़े दे दिए। 1997 के बाद ये पहली बार है कि हांगकांग की संसद में विरोधी स्वर समाप्त हो गए हैं।

निशाने पर है शीतयुद्धकालीन फाइव आइज

अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कनाडा के विदेश मंत्रियों ने चीन से अपील की है कि वो इन सांसदों को वापस बहाल करे। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन हांगकांग के लोगों के प्रतिनिधि चुनने के अधिकार का हनन कर रहा है। पांचों देशों के समूह को ‘फ़ाइव आइज़’ कहा जाता है। वे आपस में ख़ुफ़िया जानकारी साझा करते हैं। इसका गठन शीत युद्ध के वक़्त किया गया था।

कई सालों के लोकतंत्र समर्थक और चीन विरोधी प्रदर्शनों के बाद जून में चीन ने एक विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून लागू किया। इस क़ानून की वजह से हांगकांग की स्वायत्तता कमज़ोर हो गई और प्रदर्शनकारियों को सज़ा देना आसान हो गया।

इस सुरक्षा क़ानून के जवाब में ब्रिटेन ने हांगकांग के उन लोगों को नागरिकता देने का प्रस्ताव दिया जिनके पास ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज़ (बीएनओ) पासपोर्ट है और वे 1997 से पहले पैदा हुए हैं। हांगकांग के क़रीब तीन लाख लोगों के पास बीएनओ पासपोर्ट है और 1997 से पहले पैदा हुए 29 लाख लोग इसके योग्य हैं।

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