नई दिल्ली. अमेरिका के वाशिंगटन में बुधवार को भड़की हिंसा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान घायल एक महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे बचाया नहीं जा सका। इसके अलावा राजधानी इमारत के आसपास के स्थानों पर भड़की हिंसा में एक अन्य महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई। इस बीच एक पुलिस अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। हुआ ये कि कांग्रेस के सदस्य बुधवार को इलेक्टोरल कॉलेज वोट की गिनती कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए। हालात को देखते हुए प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थाना पर ले जाया गया।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार बुधवार को कैपिटल परिसर में हंगामे और दंगे के बीच एक पुलिस अधिकारी की गोली लगने से एक महिला की मौत हो गई। कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं। तीन अन्य लोग भी इस घटना में मारे गए। अमेरिका की राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगाया गया लेकिन प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।

अधिकारियों ने ट्रंप समर्थकों की करीब चार घंटे तक की गई हिंसा पर काबू पाने के बाद कहा कि राजधानी सुरक्षित है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने सहकर्मियों को लिखे एक पत्र में कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने कैपिटल में शांति होने के बाद संयुक्त सत्र फिर शुरू करने का फैसला किया।

पहले अपने समर्थकों को बढ़ावा देने वाले ट्रंप ने हिंसा के बाद समर्थकों से कानून का पालन करने और घर जाने की अपील की। ट्रंप ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह चुनाव धोखाधड़ी भरे थे, लेकिन हम ऐसा कुछ नहीं कर सकते, जिससे खुद को नुकसान पहुंचे और दूसरों को फायदा। हमें शांति चाहिए ही चाहिए। इसलिए घर जाएं।

उधर राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी। ट्विटर ने चेतावनी भी दी कि अगर भविष्य में ट्रंप ने नियमों का उल्लंघन किया तो उनके अकाउंट पर स्थायी रूप से रोक लगा दी जाएगी। वहीं, फेसबुक ने कहा कि वह दो नीतियों के उल्लंघन के मद्देनजर 24 घंटे के लिए राष्ट्रपति के अकाउंट पर रोक लगा रहा है। इस दौरान वह कुछ भी पोस्ट नहीं कर पाएंगे।

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वह स्तब्ध और काफी दुखी हैं कि अमेरिका को ऐसा दिन देखना पड़ा। बाइडन ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में कहा कि इस समय, हमारे लोकतंत्र पर अप्रत्याशित हमला हो रहा है। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा। कैपिटल में अराजकता का यह दृश्य असल अमेरिका को प्रतिबंबित नहीं करता। थोड़ी सी संख्या में कुछ कट्टरपंथी अराजकता फैला रहे हैं। इसका अब अंत होना चाहिए। दंगे होने से पहले कांग्रेस 538 ‘इलेक्टोरल वोट’ में से 12 वोट प्रमाणित कर चुकी थी और यह सभी राष्ट्रपति ट्रंप को मिले थे।

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