नई दिल्ली. कोरोना वायरस प्रकोप के दौरान आसमानी ऊंचाई छू रहे भारत के शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक झूमकर निवेश कर रहे हैं। इन निवेशकों ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) ने नवंबर में भारतीय शेयर बाजारों में 62,951 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश किया। माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों का ये योगदान शेयर बाजारों के छोटे निवेशकों को परोक्ष रूप से भारी लाभ देगा क्योंकि उनके निवेश से शेयरों के दाम बढ़ने की पूरी सम्भावना रहती है।

एफपीआई ने शेयरों में 60,358 करोड़ रुपये का निवेश और ऋण या बांड बाजार में 2,593 करोड़ रुपये लगाए। इस तरह 3 से 27 नवंबर बीच एफपीआई ने 62,951 करोड़ रुपये का निवेश किया।

निवेश पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक निवेशक विकसित बाजारों की तुलना में उभरते बाजारों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। उभरते बाजारों में लाभ की अधिक संभावना होती है। एफपीआई ने भारत में कुछ बड़ी कंपनियों में निवेश किया है। ज्यादातर निवेश बैंकिंग क्षेत्र में आया है। नवंबर में कुछ अनिश्चितताएं पीछे छूट गई हैं। इनमें से एक अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अनिश्चितता है। विकसित बाजारों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन तथा डॉलर की कमजोरी की वजह से भी एफपीआई भारतीय बाजारों में निवेश कर रहे हैं।

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