चखने को मिलेगा अमेरिकी लोकतंत्र की असली ताकत का स्वाद

नई दिल्ली. राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिका की जनता ने जो बाइडन को राष्ट्रपति चुन लिया है लेकिन चुनावी हार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष जेल जाने का खतरा उत्पन्न कर दिया है। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उन्हें मुश्किल वित्तीय स्थिति का सामना करने के साथ ही जेल जाना पड़ सकता है।

तीस करोड़ डालर के कर्जदार

अमेरिकी विशेषज्ञों के अनुसार जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद पर आसीन होने के बाद इस बात की संभावना है कि डोनाल्ड ट्रंप पर आपराधिक मामले चलाए जाएं। राष्ट्रपति ट्रंप पर बैंक धोखाधड़ी, कर धोखाधड़ी, मंडी लॉन्ड्रिंग, चुनावी धोखाधड़ी जैसे मामलों में आरोप लग सकते हैं। मामला सिर्फ़ यहां तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप को वित्तीय घाटे का सामना भी करना पड़ सकता है। इनमें बड़े पैमाने पर निजी ऋण और उनके कारोबार की मुश्किलें शामिल हैं। अगले चार सालों में ट्रंप को 30 करोड़ डॉलर से ज़्यादा का कर्ज़ चुकाना है। वो भी ऐसे समय पर जब उनके निज़ी निवेश बहुत अच्छी स्थिति में नहीं हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक कहते हैं कि राष्ट्रपति पद पर होना उनकी क़ानूनी और वित्तीय समस्याओं में उनका कवच बन गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ये दावा करते रहे हैं कि वे दुश्मनों की साज़िशों का शिकार हुए हैं। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति बनने से पहले और पद पर रहते हुए भी अपराध किए हैं। उनके प्रशासन पर लगे घोटालों के आरोपों की न्याय विभाग की जांच और इस साल की शुरुआत में उन पर चलाए गए महाभियोग से वो सफलतापूर्वक बरी हो गए। ये सभी जांच और प्रक्रियाएं राष्ट्रपति को अभियोग से मिली सुरक्षा के दौरान हुई थीं। न्याय विभाग ये कहता रहा है कि राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ पद पर रहते हुए आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार इन जाँचों को डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई का आधार बनाया जा सकता है।

सतह पर आ सकता है पोर्न स्टार को रिश्वत का आरोप

उन पर मतदाता धोखाधड़ी के आरोप लगाए जा सकते हैं क्योंकि मैनहटन के लिए अमेरिकी अटॉर्नी ने ट्रंप को माइकल कोहेन के साथ साज़िश में सहयोगी बताया है। विशेषज्ञ डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व वकील माइकल कोहेन के ख़िलाफ़ हुई जांच की भी याद दिलाते हैं। 2018 में माइकल कोहेन को चुनावी गड़बड़ियों के लिए दोषी पाया गया था। उन पर डोनाल्ड ट्रंप के साथ अफ़ेयर होने का दावा करने वालीं पोर्न एक्ट्रेस स्टॉर्मा डैनियल्स को 2016 के चुनावों में पैसे देने का आरोप लगा था। माइकल कोहेन की जांच के दौरान बताया गया था कि राष्ट्रपति पद के एक उम्मीदवार आपराधिक गतिविधि से कथित तौर पर जुड़े हुए थे।

ट्रंप की गर्दन की माप का है मूलर रिपोर्ट का फंदा

ट्रंप पर कथित मूलर रिपोर्ट के नतीज़ों को देखते हुए न्याय में बाधा डालने के आरोप भी लग सकते हैं। 2019 में स्पेशल काउंसिल रॉबर्ट मूलर ने 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में रूस के दख़ल को लेकर जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में ट्रंप को क्लीन चिट दे गई थी और बताया गया था कि ट्रंप की प्रचार टीम और रूस के बीच किसी तरह की सांठगांठ के पुख़्ता सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन रिपोर्ट में ये ज़रूर कह गया था कि डोनाल्ड ट्रंप ने जांच में बाधा डालने के प्रयास किए थे। ट्रंप ने मूलर को उनके पद से हटाने की कोशिशें भी की थीं। मूलर ने उस वक़्त कहा था कि अमेरिकी संसद को ये फैसला करना चाहिए कि न्याय में बाधा डालने के लिए डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाया जाए या नहीं क्योंकि राष्ट्रपति पर न्याय के सामान्य माध्यमों से अभियोग नहीं चलाया जा सकता है। यद्यपि संसद ने ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग नहीं चलाया लेकिन महीनों बाद एक अलग मामले में उनके ख़िलाफ़ महाभियोग चलाया गया।

ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन पर जांच शुरु करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की पर दबाव बनाया था। दिसंबर 2019 में डेमोक्रेट्स के बहुमत वाले हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव में उन पर अभियोग चलाया लेकिन फरवरी 2020 में रिपब्लिकन्स के बहुमत वाले सीनेट ने उन्हें अपराधमुक्त कर दिया। डोनाल्ड ट्रंप तीसरे ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ा।

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