नई दिल्ली. आए दिन सामने आ रहे कोरोना वायरस वैक्सीन के साइड इफेक्ट केसों के बीच एक केस मेक्सिको में सामने आया है। यहां एक महिला डॉक्टर को कोविड-19 की फाइजर वैक्सीन लगवाने के बाद लकवा मार गया। मैक्सिको में डॉक्‍टर को फाइजर की कोरोना वैक्‍सीन लगाने के आधे घंटे के अंदर ही शरीर में चकत्‍ते पड़ने, ऐंठन, कमजोरी और सांस लेने में दिक्‍कत के बाद आईसीयू में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से बीमार हुई महिला डॉक्‍टर कार्ला सेसेलिया पेरेज को लकवा मार गया है। बीमार डॉक्‍टर के परिवार वालों ने अपील की है कि वैक्‍सीन के इस तरह के गंभीर दुष्‍प्रभाव को लेकर अतिरिक्‍त जांच की जरूरत है।

अमेरिकन स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा है कि डॉक्‍टर कार्ला के दिमाग और स्‍पाइनल कॉर्ड में सूजन का इलाज किया गया है। वैक्‍सीन लगने से पहले डॉक्‍टर कार्ला को एक एंटीबायोटिक से एलर्जी थी और इसी कारण उन्हें गंभीर दुष्‍प्रभाव का सामना करना पड़ा। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय का कहना है उसका कहने का मतलब ये नहीं है कि हम इस बात पर जोर नहीं दे रहे हैं कि डॉक्‍टर कार्ला को वैक्सीन के चलते लकवा की शिकायत आई है।

बता दें कि इससे पहले पुर्तगाल में एक हेल्थ वर्कर की फाइजर वैक्सीन लेने के 48 घंटे के भीतर अचानक मौत हो गई थी। 41 साल की सोनिया ऐसवेदो को वैक्सीन का डोज मिलने के 48 घंटे के भीतर नए साल के दिन अपने घर में मृत पाया गया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। लेकिन मृतक के पिता फाइजर वैक्सीन पर सवाल उठा रहे हैं।

पोर्टो इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी में पीडियाट्रिक्स में काम करने वाली और दो बच्चों की मां सोनिया में टीका लगने के बाद कोई भी साइड इफेक्ट नहीं दिखाई दिए थे। सोनिया एसेवेडो के पिता अबिलियो ऐसवेदो ने मीडिया से कहा, वह ठीक थी। उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। उसे कोविड-19 वैक्सीन दी गई थी लेकिन उसमें कोई लक्षण नहीं थे। मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। मुझे सिर्फ जवाब चाहिए।

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