नई दिल्ली. वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोविड-19 के प्रसार में मौसम का प्रभाव लगभग न के बराबर है। संक्रमण के प्रसार में मौसम का महत्व तीन प्रतिशत से भी कम है और ऐसा कोई मौसम नहीं है जिसमें कोरोना वायरस तेजी से फैलता है।
कोरोना वायरस के प्रसार में यात्रा और घर से बाहर रहने की भूमिका अहम है। बीमारी के प्रसार में दोनों कारकों का योगदान है। संक्रमण के प्रसार में दो और कारण आबादी और शहरी भीड़-भाड़ (जनसंख्या घनत्व) भी अहम हैं। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस के प्रसार में तापमान या आर्द्रता की कोई प्रभावी भूमिका नहीं है।
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इनवायरमेंटल रिसर्च ऐंड पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित शोधपत्र के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रसार पूरी तरह से मानवीय व्यवहार पर निर्भर करता है। न कि गर्मी या सर्दी के मौसम पर। मौसम केवल उस माहौल को प्रभावित करता है जिसमें कोरोना वायरस किसी नए व्यक्ति को संक्रमित करने से पहले जिंदा रहता है। अध्ययन में कहा गया कि मौसम हालांकि, इंसानी व्यवहार को भी प्रभावित करता है जिससे वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करता है। मौसम का प्रभाव कम है और अन्य पहलुओं जैसे लोगों की आवाजाही आदि संक्रमण के प्रसार में अधिक प्रभावी हैं। अध्ययन में मौसम को हवा के तापमान के बराबर परिभाषित किया गया जो तापमान और आर्द्रता का संयुक्त मूल्य है। वैज्ञानिकों ने मार्च से जुलाई 2020 के बीच अमेरिका के विभिन्न इलाकों, देशों, क्षेत्रों और दुनिया के स्तर पर कोरोना वायरस के प्रसार का विश्लेषण किया।

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