नई दिल्ली. कोरोना पीड़ितों के रक्त को पतला करने वाली दवाइयों के इस्तेमाल पर अमेरिका ने रोक ​लगा दी है। वहां के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ने आधिकारिक बयान देकर यह जानकारी दी।

खबरों के अनुसार अमेरिका में अस्पताल में भर्ती गंभीर कोरोना मरीजों के रक्त को पतला करने के बाद काेई फायदा नहीं पहुंचने पर इसके परीक्षण पर रोक लगा दी है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) ने मंगलवार को यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों को गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) समर्थन की आवश्यकता होती है। रक्त को पतला करने की नैदानिक दवा शरीर के अंगों के सहयोग को कम करने में कारगर नहीं है।

एनआईएच ने कहा कि मामूली बीमार अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों के लिए नामांकन और परीक्षण जारी रहेगा। क्योंकि शोधकर्ताओं ने अभी तक रक्त के थक्कों को रोकने के लिए एक अनुकूल खुराक निर्धारित की है जोकि एक सामान्य परेशानी है।
असामान्य थक्के के कारण कई स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं, जिसमें फेफड़े में खराबी, दिल का दौरा और स्ट्रोक शामिल हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमितों के इलाज के दौरान आने वाली कई तरह की परेशानियों से निपटने के लिए चिकित्सक संक्रमितों के खून को पतला करने वाली दवाइयां देते हैं जिससे कोरोना से उत्पन्न जटिलताओं पर काबू पाए जाने का दावा किया जाता है।

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