आस्ट्रेलियन तेज गेंदबाज ने व्यक्त की पीड़ा

नई दिल्ली. तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क बायो बबल (जैविक रूप से सुरक्षित माहौल) का कहना है कि लंबे समय तक ऐसी पाबंदियों के बीच रहना खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

कोविड-19 महामारी के बीच क्रिकेट का आयोजन जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में किया जा रहा है और निकट भविष्य में स्थिति में सुधार होने की संभावना भी नहीं है। दुनिया भर के शीर्ष क्रिकेटर अगस्त से यूएई में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा ले रहे हैं और आगामी प्रतियोगिताओं में भी उन्हें जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में रहना होगा।

इस बीच आईपीएल फाइनल के बाद भारतीय टीम आस्ट्रेलिया के लंबे दौरे पर रवाना होगी और उसके साथ स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और डेविड वार्नर जैसे आस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रिकेटर भी होंगे जो विभिन्न आईपीएल टीमों का हिस्सा हैं। स्टार्क ने कहा कि यह लंबे समय तक चलने वाली जीवनशैली नहीं है। उन्होंने कहा कि आप होटल के कमरे में रह रहे हैं और बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं है। कई खिलाड़ियों ने अपने परिवारों या अपने बच्चों को लंबे समय तक नहीं देखा है। आईपीएल में खेलने वालों के साथ ऐसा है।

अन्य खिलाड़ियों में इंग्लैंड की टीम आईपीएल समाप्त होने के एक पखवाड़े के भीतर सीमित ओवरों के छह मैचों के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएगी जबकि वेस्टइंडीज को न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना होना है।

स्टार्क ने बायो बबल मॉडल पर सवाल उठाया कि यह मुश्किल स्थिति है। हमें क्रिकेट खेलने को मिल रहा है इसलिए हम अधिक शिकायत नहीं कर सकते लेकिन खिलाड़ियों, स्टाफ और अधिकारियों की बेहतरी को देखते हुए आप जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में कब तक रह सकते हो? इससे पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली के अलावा इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन और वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर भी खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता चुके हैं।

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