नई दिल्ली. अमेरिकी बाजारों में तेजी के बाद एशियाई बाजारों में गिरावट का रूख देखा गया। अमेरिका में बेरोजगारी का दावा करने वालों की संख्या बढ़ने के बावजूद आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद और कोरोना टीका लगना शुरू होने संबंधी घटनाक्रम से अमेरिकी वाल स्ट्रीट तेजी से उछलने लगा। लेकिन शंघाई, टोक्यो और हांगकांग के बाजारों पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखा गया। तीनों बाजार ऊंचाई से नीचे की ओर फिसलते रहे।

अमेरिका में नये आर्थिक पैकेज को लेकर प्रगति दिखने से वॉल स्ट्रीट का एस एण्ड पी 500 सूचकांक बढ़त में रहा। वैसे अमेरिका में बेरोजगारी भत्ते का दावा करने वालों की संख्या बढ़ी है और यह पिछले तीन माह में सबसे ज्यादा रही है।

अमेरिका के एक बैंक की रिपोर्ट के अनुसार बाजार की चाल को देखकर लगता है कि उसके लिये खराब आंकड़े अच्छी खबर की तरह हैं। इन आंकड़ों से सरकार नये प्रोत्साहन पैकेज की दिशा में तेजी से काम करेगी। उधर टोक्यो में निक्की -225 सेंसेक्स 0.2 प्रतिशत गिरकर 26,760.30 अंक पर रहा जबकि शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 0.1 प्रतिशत घटकर 3,403.87 अंक पर आ गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.7 प्रतिशत गिरकर 26,490.37 अंक पर टिक गया।

दक्षिण कोरिया के सोल में कोस्पी सूचकांक 0.1 प्रतिशत गिरकर 2,770.22 अंक और सिडनी का एस एण्ड पी- एएसएक्स-200 सूचकांक 0.7 प्रतिशत गिरकर 6,710.00 अंक रह गया। न्यूजीलैंड, सिंगापुर और जकार्ता के शेयर बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा।

अमेरिकी श्रम विभाग के अनुसार पिछले सप्ताह उसके पास बेरोजगारी लाभ के लिये दावा करने वालों का आंकड़ा 8 लाख 85 हजार तक पहुंच गया है। सितंबर के बाद यह आंकड़ा सबसे ऊंचा है। अमेरिका में निवेशक राष्ट्रपति चुनाव से पहले से ही नये प्रोत्साहन पैकेज को लेकर प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि बेरोजगारी लाभ की अवधि समाप्त होने जा रही है, ऐसे में नया पैकेज जल्द आना चाहिये।

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