नई दिल्ली. कोरोना के चलते कई लाख अमेरिकी नागरिकों की मौत से सहमे अमेरिका में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। रिपब्लिकन गवर्नरों ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है और स्कूलों को खोलने पर भी पुनर्विचार किया जा रहा है। उधर कई लोग मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम के पीछे के विज्ञान पर सवाल उठा रहे हैं। अमेरिकी नागरिकों को इस बात का भी डर है कि फिर पाबंदियां लगाने से नौकरियां जाने का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है।

अब तक मास्क पहनने की खिलाफत कर रही गवर्नर किम रेनॉल्ड्स ने भी मंगलवार से मुंह ढंकने के नियम में बदलाव कर दिया। उन्होंने दावा किया कि मास्क पहनने से कोरोना वायरस फैलने का खतरा कम होने या ना होने के वैज्ञानिक सिद्धांत है।

‘जॉन हॉपकिन्स’ विश्वविद्यालय के अनुसार अमेरिका में सोमवार को सर्वाधिक 73,000 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती थे। वहीं कोविड-19 के 1,66,000 से अधिक नए मामले सामने आए थे।
अमेरिका में अभी तक 2,47,000 से अधिक लोगों की वायरस से मौत हो चुकी है। आयोवा के अलावा, नॉर्थ डकोटा और यूटा ने भी अब मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। साउथ डकोटा ने स्कूलों को एक बार फिर बंद करने का फैसला लिया है। हाल में यहां 94 छात्र और 47 कर्मचारी संक्रमित पाए गए थे।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने कहा कि देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के मद्देनजर आने वाले कुछ महीनों में अर्थव्यवस्था धीमी पड़ सकती है।

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