नई दिल्ली. अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह भारत को रूस से खरीदे जा रहे मिसाइल सिस्टम एस 400 की खरीद पर किसी तरह की रियायत नहीं देगा और अमेरिकी कानूनों के तहत उस पर प्रतिबंध लगा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के साथ की जा रही 5.5 अरब डॉलर के इस डील से नाराज अमेरिका भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है। अमेरिका ऐसी ही एक डील करने के बाद तुर्की पर प्रतिबंध लगा चुका है।

जानकारी के अनुसार भारत अरबों रुपये की लागत से रूस से 5 मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस-400 खरीद रहा है। ट्रंप प्रशासन इस डील को रद्द करने के लिए दबाव डाल रहा है। अमेरिका ने कहा है कि भारत कूटनीतिक टकराव रोकना चाहता है तो उसे डील को रद्द करना चाहिए। अमेरिका ने कहा है कि 2017 में बने एक अमेरिकी कानून के अनुसार भारत को रूस से इस मिसाइल को खरीदने की छूट नहीं दी जा सकती। अमेरिकी मामलों के जानकारों का मानना है कि 20 जनवरी को अमेरिका जो बाइडेन के नेतृत्व में नई सरकार का कार्यकाल शुरू होने के बाद भी इस नीति में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा। बाइडेन प्रशासन ने रूस के खिलाफ और भी सख्त नीति अपनाने का संकेत दिया है।

जबकि भारत कहना है कि उसे चीन को ध्यान में रखते हुए मिसाइल डिफेंस सिस्टम की जरूरत है। भारत ने कहा है कि वो अपनी रक्षा जरूरतों का सामान किससे खरीदेगा ये तय करने का अधिकार नई दिल्ली को है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच विस्तृत वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है। भारत की रूस के साथ विशेष और खास रणनीतिक साझेदारी चल रही है। भारत स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है। जबकि भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने सभी सहयोगियों से अपील करते हैं कि वे रूस के साथ सभी ऐसे सौदे रद्द कर दें जिससे कि उन पर प्रतिबंधित होने का अंदेशा है। इसी कानून के जरिए अमेरिका ने पिछले महीने रूस पर प्रतिबंध लगाया है।

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