नई दिल्ली. अरबी और गैर-अरबियों के बीच जातीय हिंसा में 83 लोगों की मौत के साथ ही सूडान फिर से जातीय हिंसा में फंस गया है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

सूडान में सत्तारूढ़ संप्रभु परिषद की बैठक में बताया गया कि इलाके में सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। सूडान के एक प्रांत की प्रांतीय राजधानी जेनेना में विस्थापित लोगों के एक शिविर में दो लोगों के बीच हुआ विवाद भीषण झड़प में तब्दील हो गया। झगड़े में एक अरब व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी जिसके बाद उसके परिजनों ने शिविर में तथा अन्य इलाकों में लोगों पर हमले किए। मरने वालों एक अमेरिकी नागरिक सईद बाराका भी शामिल है जो अटलांटा से दारफूर अपने परिवार से मिलने आया था।

हिंसा के बाद स्थानीय अधिकारियों ने पूरे प्रांत में कर्फ्यू लगा दिया। पश्चिम दारफूर में सूडान डॉक्टर्स कमेटी ने बताया कि हिंसा में 83 लोगों की मौत हो गई तथा सैनिकों समेत कम से कम 160 लोग घायल हो गए। कमेटी ने बताया कि रविवार को दोपहर तक झड़पों में कमी आई तथा सुरक्षा हालात बेहतर हुए। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि महासचिव हिंसा के कारण बेहद चिंतित हैं।

ट्विटर के निशाने पर ​हैं रिपब्लिकन

उधर ट्विटर ने अमेरिका में एक रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट पर रोक लगा दी है। रिपब्लिकन सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन के अकाउंट पर अस्थायी रोक कथित तौर पर नस्ली विचार और क्यूएनॉन साजिश सिद्धांत के ऑनलाइन समर्थन की वजह से लगाई गई है। उनके अकाउंट को बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए बंद कर दिया गया। पेशे से कारोबारी ग्रीन राजनीति में नई हैं। नवंबर में वह जॉर्जिया 14वें डिस्ट्रिक्ट की प्रतिनिधि चुनी गयी थीं। सोशल मीडिया पर उन्होंने कई भड़काऊ वीडियो और कमेंट पोस्ट किए हैं।

ग्रीन ने एक स्थानीय समाचार को दिए साक्षात्कार का वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में वह जॉर्जिया के चुनाव अधिकारियों की निंदा करती दिख रही हैं और राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी के दावों का समर्थन कर रही हैं। ट्विटर ने ग्रीन और अन्य लोगों के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए संदेश लिखा कि चुनाव में धोखाधड़ी का दावा विवाद पैदा करने वाला है और इससे हिंसा की आशंका है।

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