नई दिल्ली. पिछले नौ माह से घरों में कैद बुजुर्गों की मुक्ति का दिन नजदीक आ गया है क्योंकि 70 साल से अधिक उम्र के इंसानों को काल के दूसरे रूप कोरोना के खिलाफ सुरक्षा कवच मिल गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविड-19 टीका 56-69 आयु समूह के लोगों तथा 70 साल से अधिक के बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार करने में कारगर रहा है।
टीके से संबंधित यह जानकारी ‘लैंसेट’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई है। जानकारी के मुताबिक टीके का विकास भारतीय सीरम संस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा है।अध्ययन में 560 स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया गया और पाया गया कि ‘सीएचएडीओएक्स 1 एनकोव-19’ नाम का यह टीका युवा वयस्कों की तुलना में अधिक आयु समूह के लोगों के लिए अधिक उत्साहजनक है। इसका मतलब है कि यह टीका अधिक आयु समूह के लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सकता है।

इस निष्कर्ष का उल्लेख करते हुए अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ये परिणाम उत्साहजनक है क्योंकि अधिक आयु समूह के लोगों को कोविड-19 संबंधी जोखिम अधिक होता है। इसलिए कोई ऐसा टीका होना चाहिए जो अधिक आयु समूह के लोगों के लिए कारगर हो। ऑक्सफोर्ड टीका समूह से जुड़े डॉक्टर महेशी रामासामी ने अधिक आयु समूह के लोगों में टीके के अच्छे परिणामों पर खुशी व्यक्त की। ब्रिटेन ऑक्सफोर्ड टीके की 10 करोड़ खुराक का पहले ही ऑर्डर दे चुका है।

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