मुंबई। शादी से पहले और शादी के बाद यौन संबंध बनाने पर सहमति का होना जरूरी है। किसी भी स्तर पर बिना सहमति संबंध नहीं बनाने चाहिए। अगर महिला की सहमति के बिना संबंध बनते हैं तो वह गलत है और महिला को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, चाहे वह शादीशुदा हो या अनमैरिड। इस मुद्दे पर ‘क्रिमिनल जस्टिस‘ बिहाईंड क्लोज़्ड डोर्स’ में प्रकाश डाला गया है। इस बारे में पंकज त्रिपाठी, प्रतीक गांधी, विजय वर्मा, थप्पड़ के कलाकार, पवैल गुलाटी, नकुल मेहता और करन टैकर के साथ मिलकर हमारे समाज में सहमति के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर कर रहे हैं।

‘क्रिमिनल जस्टिसः बिहाईंड क्लोज़्ड डोर्स’ में अभिनेत्री कीर्ति कुल्हरी द्वारा अभिनीत अनु चंद्रा का किरदार वैवाहिक यौन शोषण का शिकार है। यह भारत की कई महिलाओं की सच्चाई है। यह शो वैवाहिक यौन शोषण की गंभीर समस्या का चित्रण काल्पनिक कथा के माध्यम से करता है। देश की महिलाएं यह शोषण अपने घरों में बंद दरवाजे के पीछे झेलती चली आ रही हैं।

वास्तविक जिंदगी में महिलाएं अपनी समस्याओं के साथ कितना संघर्ष करती हैं, इस बारे में अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा, ‘मुझे नहीं पता था कि महिलाएं अपने जीवन में सदमे से गुजरने पर चुप क्यों बनी रहती हैं। उनसे जब उनकी समस्या के बारे में पूछा जाता है, तो वो अपना मुंह बंद कर लेती हैं। एक पुरुष होने के नाते मुझे नहीं पता कि उनकी बात को कैसे समझा जाए। यह समस्या हमारे समाज में मौजूद है, फिर चाहे हम उदार शहरी समाज में हों या फिर शहर की सीमा के बाहर रहते हों। तो फिर इस समस्या को क्यों न उठाया जाए। माधव मिश्रा का किरदार निभाने और अनुराधा चंद्रा ने अपने पति को क्यों मारा, यह समझने के बाद मैं जान गया कि उसके जैसी अनेक महिलाएं अपनी समस्याओं के बारे में क्यों नहीं बताना चाहती। खासकर अपने वैवाहिक जीवन की समस्याओं के बारे में वो नहीं बोलतीं क्योंकि समाज के रीति रिवाज उन्हें अपने घरों के दरवाजों के पीछे बंद रखना चाहते हैं। इस शो के माध्यम से हमें उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपनी समस्याओं के बारे में बात करने के लिए प्रेरित होंगी और अपने लिए सही कदम उठाएंगी।’

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