नई दिल्ली. अगर धर्मेन्द्र का निशाना सही लग जाता तो अमिताभ बच्चन की 1975 में ही मौत हो जाती। जी हां, मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने स्वयं यह जानकारी अपने फैंस से साझा की है।

अमिताभ के अनुसार शोले के क्लाइमेक्स की शूटिंग के दौरान धर्मेन्द्र बंदूक में नकली गोली लोड करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन गोली थी कि बंदूक में जा ही नहीं रही थी। झल्लाए धर्मेन्द्र ने अचानक एक असली कारतूस बंदूक में डाला और तड़ से फायर कर दिया। ये गोली पहाड़ी पर खड़े अमिताभ के कान के पास से निकल गई।

अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति के ताजा एपिसोड में हॉट सीट पर सामने बैठे सीआरपीएफ के डीआईजी प्रीत मोहन सिंह को यह किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि फिल्म शोले की शूटिंग के क्लाइमेक्स में वे पहाड़ी पर खड़े थे और धर्मेन्द्र नीचे। सीन की जरूरत के हिसाब से धर्मेन्द्र को गोलियां चलानी थी लेकिन वे नकली गोली लोड नहीं कर पा रहे थे। नतीजा उन्होंने एक कारतूस लिया और बंदूक में डालकर दाग दिया। गोली मेरे कान के पास से निकल गई। अमिताभ ने कहा कि अगर गोली जरा सी भी इधर-उधर होती तो उनका काम तमाम होना तय था।

असल में हुआ यूं कि हॉट सीट पर बैठे सीआरपीएफ के डीआईजी प्रीत मोहन सिंह ने कहा कि उन्हें फिल्म के क्लाइमेक्स को देखकर लगता है कि जय यानी अमिताभ बच्चन की जान बचाने के लिए वीरू (धर्मेंद्र) को और ज्यादा हथियार रखने चाहिए थे। इस पर अमिताभ ने ये किस्सा सुनाकर दर्शकों को हैरत में डाल दिया। अभी तक की सबसे हिट फिल्मों में शुमार शोले में अमिताभ बच्चन की रियल वाइफ जया बच्चन, धर्मेंद्र की रियल वाइफ हेमा मालिनी के साथ ही दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार ठाकुर के रोल में थे। अमजद खान ने गब्बर की भूमिका अदा की और निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था।

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