गोपेंद्र नाथ भट्ट

नई दिल्ली. फ्रांस में आयोजित चल रहे 75वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर की मलयाली फिल्म ‘थंप’ का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कान्स फिल्म फेस्टिवल के निदेशक थियरी फ्रैमॉक्स ने फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन मुम्बई के निर्देशक शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर और उनकी टीम का स्वागत किया। शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर के साथ मलयाली फ़िल्मों की प्रख्यात हीरोइन जलजा और फिल्म निर्देशक प्रकाश नायर रेड कार्पेट पर चल कर आयोजन स्थल पर पहुँचें। डूंगरपुर ने बताया कि कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट इवेंट में थंप फिल्म का प्रीमियम-शो आयोजित होना भारतीय सिनेमा जगत के लिए रोमांचित करने वाला एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की कुछ और फिल्मों के साथ थंप फिल्म का भी चयन होना एवं उसे इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में आमंत्रित करना भारतीय सिने जगत के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जाना है।

शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर ने बताया कि मलयालम फिल्म के सर्वकालीन महान फिल्मकार जी.अरविंदन गोविंदन की इस कालजयी फिल्म थंप (1978) का रेस्टोरेशन फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने वर्ल्ड सिनेमा फाउंडेशन एवं सिनेटिका डी बोलोनिया संस्थान इटली के साथ मिलकर पूरा किया है। इसके पहले 1948 में बनी उदयशंकर की फिल्म ‘कल्पना’ का रेस्टोरेशन भी किया गया था तथा कल्पना फिल्म को भी कांस फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था। थंप फिल्म का निर्माण 1978 में के.रवींद्रन नायर की फिल्म कंपनी जनरल फिल्म्स के बैनर तले किया गया था। यह एक श्वेत श्याम फिल्म थी एवं इस फिल्म के निर्देशक और पटकथाकार मलयालम फिल्म जगत के जाने माने फिल्मकार जी अरविंदम थे। वे संगीतकार भी थे और उन्होंने कई मलयालम फिल्मों में संगीत दिया था। थंप फिल्म की कहानी सर्कस पर आधारित हैं जिसमें एक सर्कस गांव में आता है।

थंप फिल्म के बारे में शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर कहते है जब वे पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में डिप्लोमा कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने यह फिल्म देखी थी और उनका मानना है कि जी.अरविंदन गोविंदन की यह फिल्में दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर देती है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के रेस्टोरेशन में चेन्नई की प्रसिद्ध संस्था प्रसाद कॉरपोरेशन का सहयोग रहा। बेंगलुरू के अरकाइविस एवं जी.अरविंदम के पुत्र रामु अरविंदन का सक्रिय सहयोग भी मिला। हेरिटेज फाउंडेशन, वर्ल्ड सिनेमा फाउंडेशन एवं डी.बोलोनिया की सिनेटिका संस्थान ने वर्ष 2020 में थंप (1978) के साथ जी.अरविंदन गोविंदन की एक और अनूठी फिल्म कुमूठी (1979) का भी पुन: फिल्मांकन करने का निर्णय लिया था।

फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन और बालीवुड की मशहूर हस्तियों मनोज वाजपेयी, बुमन ईरानी मीरा नायर, अनुराग कश्यप आदि ने फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के निदेशक शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर और उनकी टीम को थम्प फ़िल्म के रेस्टोरेशन का काम करने और कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए उसका चयन होने के लिए बधाई दी है।

उल्लेखनीय है कि शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर का फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन फिल्म संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा देश का एकमात्र गैर-सरकारी संगठन है। अमिताभ बच्चन इसके ब्रांड एंबेसडर हैं। फाउंडेशन की सलाहकार परिषद में जानी मानी हस्तियाँ श्याम बेनेगल, कमल हासन, गिरीश कासरावल्ली, गुलजार, गियान लुका फरीनेल्ली, जया बच्चन, क्रज़िस्टोफ ज़नुसी, मार्क, कुमार शाहनी आदि शामिल हैं। डूंगरपुर (राजस्थान) राजघराने के सदस्य शिवेंद्र सिंह ने फिल्म अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रखा है और वे निदेशक आर बालकी की नई फिल्म “घूमर” में अमिताभ बच्चन के साथ अभिनय कर रहे हैं। फिल्म में अभिषेक बच्चन और सयामी खेर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में शबाना आजमी और अंगद बेदी भी शामिल हैं।

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