आपने सरोगेट मदर अथवा किराये की कोख के बारे में खूब सुना और पढ़ा होगा लेकिन हम आपको यहां एक नई सरोगेट मदर के बारे में बताएंगे. ये सरोगेट मदर और कोई नहीं बल्कि तम्बाकू का विज्ञापन करने के लिए पैदा की गई तकनीक है. इस तकनीक के साथ तंबाकू को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह मार्केटिंग की जाती है कि किसी को लगता ही नहीं कि ये तंबाकू का विज्ञापन है लेकिन उसमें छुपा हुआ संदेश युवा पीढ़ी ग्रहण कर लेती है और इसी के चलते भारत में लाख कोशिशों के बावजूद तंबाकू की बिक्री बढ़ती चली जा रही है.

बता दें कि भारत में 29% वयस्क आबादी तंबाकू का उपयोग करती है. ये तब जब, देश में तम्बाकू के प्रचार और प्रायोजन को प्रतिबंधित करने वाली मजबूत नीतियां हैं. लेकिन तम्बाकू कंपनियों ने मीडिया चैनलों पर तम्बाकू उत्पादों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने के लिए ‘सरोगेट मार्केटिंग’ तकनीक खोज ली है. विज्ञापन का यह रूप तम्बाकू उत्पाद के समान या समान ब्रांड पहचान का उपयोग करके पान मसाला उत्पादों की आड में तंबाकू को बढ़ावा देता है.

तम्बाकू के प्रचार में 12% सरोगेट मार्केटिंग

दुनिया के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संगठन वाइटल स्ट्रैटेजीज़ ने एक ताजा रिपोर्ट “हिडन इन प्लेन साइट: भारत में सोशल मीडिया पर तंबाकू उत्पादों की सरोगेट मार्केटिंग” जारी करके बताया है कि सरोगेट मार्केटिंग कैसे तम्बा​कू को प्रोत्साहित कर रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि तम्बाकू के प्रचार में 12% सरोगेट मार्केटिंग थी.

पुख्ता सबूत हैं कि तंबाकू की सरोगेट मार्केटिंग से बच्चों और युवाओं में तम्बाकू का इस्तेमाल बढ़ता है. बता दें कि सरोगेट मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से तम्बाकू उत्पादों का गुप्त रूप से ऑनलाइन विज्ञापन किया जा रहा है.

ऑनलाइन सरोगेट मार्केटिंग उन प्रमुख तरीकों में से एक है जिसके द्वारा तंबाकू की खपत को बढ़ावा दिया जाता है. जबकि तम्बाकू विज्ञापन प्रचार और प्रायोजन पर कड़े प्रतिबंध हैं. तम्बाकू विपणन के गुप्त रूप सरोगेट तम्बाकू विपणन का तरीका उपभोक्ताओं को वैसे ही प्रभावित करता है कि जैसे सीधा विज्ञापन करता है.

ऑनलाइन विज्ञापनों में 90% से अधिक तम्बाकू कंपनियों के

रिपोर्ट के अनुसार ऑनलाइन तम्बाकू विपणन के 2,111 विज्ञापनों में 90% से अधिक तम्बाकू कंपनियों के थे. सभी सरोगेट मार्केटिंग ने माउथ फ्रेशनर और पान मसाला उत्पादों को उसी ब्रांड पहचान के साथ प्रचारित किया जो धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों (100%) के रूप में बिकता है.

अधिकांश सरोगेट उत्पादों (98%) को स्पष्ट उत्पाद चित्रों और तंबाकू कंपनी के लोगो के साथ सीधे दिखाया जाता है. ऑनलाइन सरोगेट मार्केटिंग गणतंत्र दिवस और चैत्र नवरात्रि जैसे सांस्कृतिक उत्सवों और समारोहों का लाभ भी उठाती है और ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ और महेश बाबू सहित प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेताओं का उपयोग करती है. मेटा प्लेटफॉर्म (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर ऑनलाइन सरोगेट मार्केटिंग का तीन-चौथाई (75%) देखा गया.

रोकथाम के लिए दिशानिर्देश

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने जून 2022 में भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश जारी किए. इनमें ऐसे सरोगेट विज्ञापन और अन्य विज्ञापनों पर रोक लगाने के निर्देश हैं, जो निराधार दावे, अतिरंजित वादे, गलत सूचना या झूठे दावे करते हैं. सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के जमाने में भारत के युवा तंबाकू उद्योग के लिए अधिक आसानी से उपलब्ध बाजार बन गए हैं.

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